दोष - " दूषयन्तीति दोषा:।" जो शरीर ( शरीरगत धातुओं )को दूषित करे उसे दोष कहते हैं। That which is responsible to vitiate the other substances is called Dosha . That which vitiates the body as well as the mind is also called Dosha . "वायु: पित्तं कफश्चोक्त: शारीरो दोष संग्रह:। " (च.सू.1/56) 'शरीरदूषणाद् दोषा धातवो देहधारणात् । वातपित्तकफा ज्ञेया मलिनीकरणान्मला:।।'(शा.पू.5/24) भावार्थ- हमारे शरीर में इन वात आदि की स्थिति इस प्रकार है - जब ये शरीर को विकृत या दूषित करते हैं तब ये 'दोष' कहलाते हैं, जब ये मानव को स्वस्थ रखते है तब 'धातु' कहलाते है ,और जब ये शरीर को मलिन करते है तब इन्हें 'मल' कहा जाता है। These three doshas are also known as 'Dhatu' as they support the body in their state of equilibrium which represent normalacy whereas they are spoken of as 'Doshas' dur...
BAMS 2nd year में 4 विषय (subject) है। जो इस प्रकार है। द्रव्यगुण, रोगनिदान, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, चरक संहिता पूर्वार्द्ध (सूत्रस्थान, निदानस्थान, विमानस्थान, शारीरस्थान & इन्द्रियस्थान) यहां हम आपको 2nd की कुछ books के बारे में जानकारी दे रहें हैं जो आपको लेना चाहिए। इसमें से अधिकतर किताबें NIA jaipur & IMS BHU Varanasi के प्रोफेसरों द्वारा लिखी गई हैं जो कि आसान तरीके और सरल शब्दों (simple ways &easy language) में हैं। 1. द्रव्यगुण - a. आचार्य प्रियव्रत शर्मा (Vol.-1,vol- 2 ) b. प्रो. बनवारी लाल गौड़, डाॅ. राजेन्द्र पूर्विया C. दिनेश मुद्गल (vol. - 2) #...
1st professional (प्रथम व्यवसाय) 1. पदार्थ विज्ञान एवं आयुर्वेद का इतिहास इसके 2 पेपर होते हैं , प्रत्येक 100 अंक का होता है Paper -1 : 100 marks Paper -2 :. 100 marks 2. संस्कृत इसके केवल 1 पेपर होता है Paper -1 : 100 marks 3. क्रिया शरीर (Physiology) इसके 2 पेपर होते है और एक प्रायोगिक परीक्षा Paper - 1: 100 marks Paper - 2: 100 marks Practical : 100 marks 4. रचना शरीर (Anatomy) इसके 2 पेपर होते है और एक प्रायोगिक परीक्षा Paper -1: 100 marks Paper -2: 100 marks Practical : 100 marks 5....
Thank u
ReplyDeletePathology ka pdf please
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